भाइयो, अगर आप केरल की खूबसूरती देखना चाहते हैं लेकिन भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहना पसंद करते हैं तो मानंथवाड़ी आपके लिए एकदम परफेक्ट जगह है! जी हां दोस्तों, वायनाड जिले में बसी ये छोटी सी जगह इतनी खूबसूरत है कि आप 3 दिन में भी पूरा नहीं घूम पाएंगे। सबसे बड़ी बात – यहां से 10 से 60 किलोमीटर के दायरे में 25 से ज्यादा शानदार टूरिस्ट प्लेसेस हैं जो फैमिली के साथ घूमने के लिए बिल्कुल सही हैं!
लेकिन रुकिए दोस्तों, सवाल तो बहुत हैं! मानंथवाड़ी में घूमने लायक सबसे अच्छी जगहें कौन सी हैं? कौन सी जगह बच्चों के साथ जाने के लिए सुरक्षित है? 3 दिन में कौन-कौन सी जगहें कवर कर सकते हैं? बेस्ट टाइम क्या है घूमने का? कैसे पहुंचें मानंथवाड़ी और कहां रुकें? खाने के लिए क्या खास मिलेगा? एंट्री फीस कितनी है और कब खुलता है? और सबसे जरूरी – पूरे ट्रिप में कितना खर्चा आएगा? यार, इस लेख में हम मानंथवाड़ी की हर एक खूबसूरत जगह के बारे में विस्तार से बताएंगे, 3 दिन का परफेक्ट ट्रिप प्लान देंगे, और लोकल टिप्स भी शेयर करेंगे। तो चलिए दोस्तों, शुरू करते हैं ये शानदार सफर!
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मानंथवाड़ी क्या है और क्यों खास है
भाइयो, पहले जान लेते हैं कि मानंथवाड़ी है क्या चीज! ये केरल के वायनाड जिले का एक खूबसूरत शहर है जो समुद्र तल से 760 मीटर की ऊंचाई पर बसा है। यार, ये जगह तीन तरफ से पहाड़ों से घिरी हुई है और हर तरफ हरियाली ही हरियाली दिखती है। कॉफी और चाय के बागान, मसालों की खेती, घने जंगल, झरने, और वन्यजीवों से भरपूर ये इलाका फैमिली ट्रिप के लिए बेस्ट ऑप्शन है।
दोस्तों, सबसे खास बात ये है कि मानंथवाड़ी एक बेसकैंप की तरह काम करता है। यहां रुककर आप आसपास की सभी खूबसूरत जगहें घूम सकते हैं। कूनो में बने रिसॉर्ट्स की तरह भीड़भाड़ नहीं है, मुन्नार जैसी कमर्शियल नहीं हो गई है। यार, यहां अभी भी वो शांति और प्राकृतिक खूबसूरती बची हुई है जो बड़े टूरिस्ट प्लेसेस में खो चुकी है। केरल की संस्कृति, स्थानीय लोगों की सादगी, और प्रकृति का अनोखा मेल यहां देखने को मिलता है!
मानंथवाड़ी ट्रिप का ओवरव्यू
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| स्थान | वायनाड जिला, केरल |
| समुद्र तल से ऊंचाई | 760 मीटर |
| नजदीकी एयरपोर्ट | कालीकट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा – 110 किलोमीटर |
| नजदीकी रेलवे स्टेशन | कोझीकोड रेलवे स्टेशन – 95 किलोमीटर |
| घूमने का बेस्ट समय | अक्टूबर से मई |
| मानसून का समय | जून से सितंबर – भारी बारिश |
| औसत तापमान | 15 डिग्री से 30 डिग्री सेल्सियस |
| कुल टूरिस्ट स्पॉट्स | 25 से ज्यादा मुख्य जगहें |
| 3 दिन में कवर होंगे | 12 से 15 प्रमुख स्थान |
| अनुमानित खर्च 4 लोगों का | 25000 से 40000 रुपये |
| बोली जाने वाली भाषा | मलयालम, हिंदी, अंग्रेजी |
डे 1 – थिरुनेल्ली मंदिर, पक्षीपाथालम और पास की जगहें
थिरुनेल्ली मंदिर केरल का काशी

भाइयो, अपनी मानंथवाड़ी ट्रिप की शुरुआत करते हैं सबसे पवित्र जगह से – थिरुनेल्ली मंदिर! यार, इस मंदिर को केरल का काशी कहा जाता है और ये मानंथवाड़ी से सिर्फ 30 किलोमीटर दूर है। ब्रह्मगिरी पहाड़ियों की गोद में बसा ये प्राचीन विष्णु मंदिर 3000 साल से भी पुराना माना जाता है। दोस्तों, मंदिर की बनावट बेहद खूबसूरत है और चारों तरफ घना जंगल है जो एक अलग ही शांति का अहसास देता है।
यार, यहां पापनाशिनी नदी भी है जहां स्नान करने से पाप धुल जाते हैं ऐसी मान्यता है। मंदिर परिसर में 30 पवित्र कुंड भी हैं। सुबह 6 बजे से 11 बजे और शाम 5 बजे से 7 बजे तक मंदिर खुला रहता है। दोस्तों, थिरुनेल्ली मंदिर में दर्शन के लिए कोई एंट्री फीस नहीं है लेकिन पूजा के लिए 50 से 200 रुपये का दक्षिणा दे सकते हैं। भाइयो, यहां तक का रास्ता बेहद खूबसूरत है और जंगली हाथी भी दिख सकते हैं तो सावधानी से गाड़ी चलाएं!
पक्षीपाथालम – जंगल ट्रेकिंग का मजा
दोस्तों, थिरुनेल्ली से 5 किलोमीटर आगे है पक्षीपाथालम जो एक खूबसूरत ट्रेकिंग स्पॉट है। यार, ये जगह पक्षियों के लिए स्वर्ग है – यहां 100 से ज्यादा प्रजातियों के पक्षी मिलते हैं। 8 किलोमीटर का जंगल ट्रेक है जो थोड़ा चैलेंजिंग है लेकिन परिवार के साथ जा सकते हैं अगर सभी फिट हैं। भाइयो, छोटे बच्चों के साथ पूरा ट्रेक ना करें बल्कि शुरुआती 2-3 किलोमीटर तक जाकर प्रकृति का आनंद लें।
यार, यहां जाने के लिए गाइड जरूरी है क्योंकि जंगल में रास्ता भटकने का खतरा रहता है। पक्षीपाथालम में एंट्री फीस 20 रुपये प्रति व्यक्ति है और गाइड का चार्ज 500 से 800 रुपये आता है पूरे ग्रुप के लिए। दोस्तों, सुबह 7 बजे से 4 बजे तक ही एंट्री मिलती है और मानसून में बंद रहता है। बायनोक्यूलर, कैमरा, पानी की बोतल और एनर्जी बार जरूर साथ लेकर जाएं!
कुरुवा द्वीप – नदी के बीच हरा-भरा स्वर्ग
भाइयो, दोपहर के खाने के बाद चलते हैं कुरुवा द्वीप जो मानंथवाड़ी से 40 किलोमीटर दूर है। यार, कबिनी नदी के बीच में बने ये 950 एकड़ के तीन छोटे द्वीप इतने खूबसूरत हैं कि मानो स्वर्ग का टुकड़ा हो! घने जंगल, दुर्लभ पेड़-पौधे, पक्षियों की चहचहाहट, और शांत नदी का पानी – सब मिलकर एक जादुई अनुभव देते हैं। दोस्तों, यहां पहुंचने के लिए नाव से जाना पड़ता है जो खुद में एक रोमांचक अनुभव है।
यार, कुरुवा द्वीप में बांस की नाव से घूमने का अलग ही मजा है। बच्चे बहुत एनजॉय करते हैं। भाइयो, एंट्री फीस 50 रुपये प्रति व्यक्ति है और नाव का चार्ज 300 से 500 रुपये आता है 6-8 लोगों के लिए। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है लेकिन मानसून में बंद रहता है क्योंकि नदी में बाढ़ आ जाती है। दोस्तों, यहां 2-3 घंटे बिताने की प्लानिंग करें और पिकनिक भी कर सकते हैं लेकिन प्लास्टिक बिल्कुल नहीं ले जाना है!
थोलपेट्टी वन्यजीव अभयारण्य – हाथियों का घर
दोस्तों, शाम को थोड़ा जल्दी वापस आकर चलते हैं थोलपेट्टी वन्यजीव अभयारण्य जो मानंथवाड़ी से सिर्फ 20 किलोमीटर दूर है। यार, 344 वर्ग किलोमीटर में फैला ये अभयारण्य जंगली हाथियों, तेंदुओं, हिरणों, बाइसन, और दुर्लभ पक्षियों का घर है। भाइयो, यहां जीप सफारी का मजा बच्चों को बहुत पसंद आता है। 2 घंटे की सफारी में गाइड आपको जंगल की हर खास बात बताते हैं।
यार, थोलपेट्टी अभयारण्य में एंट्री फीस 100 रुपये प्रति व्यक्ति है भारतीयों के लिए और जीप सफारी का चार्ज 2500 से 3000 रुपये आता है पूरी जीप के लिए जिसमें 6 लोग बैठ सकते हैं। दोस्तों, सफारी सुबह 7 से 9 बजे और दोपहर 3 से 5 बजे तक होती है। एडवांस बुकिंग जरूरी है खासकर वीकेंड और छुट्टियों में। भाइयो, अगर किस्मत अच्छी रही तो हाथियों का झुंड, तेंदुआ, या बाइसन देखने को मिल सकता है!
डे 2 – एडक्कल गुफाएं, मीनमुट्टी झरना और आसपास की जगहें
एडक्कल गुफाएं – 8000 साल पुरानी कहानी

भाइयो, दूसरे दिन की शुरुआत करते हैं एडक्कल गुफाओं से जो मानंथवाड़ी से 25 किलोमीटर दूर है। यार, ये सिर्फ गुफाएं नहीं बल्कि इतिहास का जीता जागता सबूत हैं! 8000 साल पुरानी चट्टानों पर की गई नक्काशी देखकर आप दंग रह जाएंगे। दोस्तों, पत्थर युग के मनुष्यों ने अपनी जिंदगी की कहानियां इन दीवारों पर उकेरी हैं – शिकार के दृश्य, जानवर, हथियार, और रहस्यमय चिन्ह।
यार, एडक्कल गुफाओं तक पहुंचने के लिए 1 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है। भाइयो, ये थोड़ा मुश्किल है लेकिन रास्ते में सीढ़ियां बनी हुई हैं और बीच-बीच में रुकने के लिए जगह भी है। छोटे बच्चों को संभालकर ले जाएं। दोस्तों, एंट्री फीस 30 रुपये प्रति व्यक्ति है और गाइड का चार्ज 200 रुपये। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुली रहती है। यार, ऊपर से जो नजारा दिखता है वो लाजवाब है – पूरी वायनाड घाटी आपके सामने होगी!
मीनमुट्टी झरना – केरल का सबसे बड़ा झरना
दोस्तों, एडक्कल से निकलने के बाद चलते हैं मीनमुट्टी झरने की तरफ जो मानंथवाड़ी से 35 किलोमीटर दूर है। भाइयो, 300 मीटर की ऊंचाई से गिरता ये झरना वायनाड का सबसे बड़ा झरना है। यार, तीन स्तरों में गिरता पानी देखने में इतना खूबसूरत लगता है कि मानो किसी पेंटिंग में आ गए हों! बारिश के मौसम में तो इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है।
यार, मीनमुट्टी झरने तक पहुंचने के लिए 2 किलोमीटर का जंगल ट्रेक करना पड़ता है। रास्ता थोड़ा फिसलन भरा होता है खासकर बारिश में तो अच्छे जूते पहनकर जाएं। दोस्तों, एंट्री फीस 20 रुपये है और पार्किंग का 50 रुपये। झरने के पास नहाने की इजाजत नहीं है क्योंकि पानी का बहाव तेज होता है। भाइयो, फोटोग्राफी के लिए ये बेस्ट जगह है लेकिन मानसून के बाद दिसंबर-जनवरी में पानी कम हो जाता है!
चेम्बरा पीक – ट्रेकिंग लवर्स के लिए
भाइयो, अगर आपकी फैमिली में सब फिट हैं और ट्रेकिंग पसंद करते हैं तो चेम्बरा पीक जरूर जाएं। यार, मानंथवाड़ी से 55 किलोमीटर दूर ये वायनाड की सबसे ऊंची चोटी है – 2100 मीटर! दोस्तों, 4 किलोमीटर का ट्रेक है जो 3-4 घंटे में पूरा होता है। रास्ते में दिल के आकार की झील दिखती है जो बहुत फेमस है फोटोग्राफी के लिए।
यार, चेम्बरा पीक ट्रेक के लिए एंट्री फीस 300 रुपये प्रति व्यक्ति है और गाइड अनिवार्य है जिसका चार्ज 500 रुपये होता है। दोस्तों, सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही एंट्री मिलती है। भाइयो, ऊपर से 360 डिग्री का व्यू मिलता है – तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक तीनों राज्य एक साथ दिखते हैं! छोटे बच्चों के साथ ना जाएं क्योंकि रास्ता काफी खड़ा है!
सूचीपारा झरना – फैमिली के लिए परफेक्ट
दोस्तों, चेम्बरा का ट्रेक छोड़ना चाहें तो सूचीपारा झरना जाएं जो मानंथवाड़ी से 45 किलोमीटर दूर है। यार, 200 मीटर ऊंचा ये झरना तीन स्तरों में गिरता है और फैमिली के लिए बिल्कुल सही है। भाइयो, यहां नहाने की इजाजत है और पूल जैसा बन गया है तो बच्चे मजे से खेल सकते हैं। चट्टानों पर चढ़ने और स्विमिंग का भी मजा ले सकते हैं।
यार, सूचीपारा झरने की एंट्री फीस 75 रुपये प्रति व्यक्ति है और 15 मिनट का आसान वॉक है पार्किंग से। दोस्तों, सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है। भाइयो, स्विमिंग कॉस्टयूम ले जाएं और तौलिया भी। फूड स्टॉल्स भी हैं बाहर तो खाने-पीने की कोई दिक्कत नहीं। यार, वीकेंड में भीड़ ज्यादा होती है तो वीकडे में जाना बेहतर है!
डे 3 – बानासुर सागर बांध, जैन मंदिर और अन्य स्थान
बानासुर सागर बांध – भारत का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध

भाइयो, तीसरे दिन की शुरुआत करते हैं बानासुर सागर बांध से जो मानंथवाड़ी से 50 किलोमीटर दूर है। यार, ये भारत का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध है और एशिया में दूसरे नंबर पर आता है। दोस्तों, 1000 मीटर लंबा और 120 मीटर ऊंचा ये बांध देखने में बेहद शानदार लगता है। चारों तरफ पहाड़ियां हैं और पानी इतना साफ है कि नीले आसमान की परछाई दिखती है।
यार, बानासुर सागर बांध में बोटिंग की सुविधा है जो बच्चों को बहुत पसंद आती है। स्पीड बोट, पैडल बोट, और शिकारा तीनों उपलब्ध हैं। दोस्तों, एंट्री फीस 30 रुपये है और बोटिंग का चार्ज 200 से 500 रुपये है बोट के टाइप के हिसाब से। भाइयो, यहां एक छोटा पार्क भी है और कुछ छोटे द्वीप भी हैं जहां घूम सकते हैं। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है। यार, सनसेट का टाइम सबसे बेस्ट है लेकिन 5 बजे बंद हो जाता है तो जल्दी पहुंचें!
थिरुनेली जैन मंदिर – प्राचीन स्थापत्य कला
दोस्तों, बांध से निकलने के बाद चलते हैं जैन मंदिर जो मानंथवाड़ी से 12 किलोमीटर दूर पैनामरम में है। यार, 13वीं सदी में बना ये मंदिर जैन स्थापत्य कला का बेहतरीन नमूना है। भाइयो, पत्थर पर की गई नक्काशी इतनी बारीक है कि आज की तकनीक से भी मुश्किल लगती है। मंदिर के गर्भगृह में 24 तीर्थंकरों की मूर्तियां हैं।
यार, जैन मंदिर में एंट्री बिल्कुल फ्री है और कोई टाइम रिस्ट्रिक्शन नहीं है। दोस्तों, शांत और सुकून भरी जगह है जहां आधा घंटा बिताना चाहिए। भाइयो, यहां से थोड़ा आगे वल्लियोरकवु गुफाएं भी हैं जहां 5000 साल पुराने शिलालेख मिले हैं। यार, इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए ये जगह बहुत इंटरेस्टिंग है!
पूकोड लेक – शांत झील और प्रकृति का साथ
भाइयो, दोपहर के खाने के बाद चलते हैं पूकोड लेक जो मानंथवाड़ी से 45 किलोमीटर दूर है। यार, 8.5 हेक्टेयर में फैली ये प्राकृतिक ताजे पानी की झील इतनी खूबसूरत है कि मानो पोस्टकार्ड में से निकली हो! दोस्तों, चारों तरफ हरी-भरी पहाड़ियां, साफ नीला पानी, और झील में तैरती रंग-बिरंगी मछलियां देखकर मन खुश हो जाता है।
यार, पूकोड लेक में पैडल बोट और रोइंग बोट की सुविधा है। दोस्तों, एंट्री फीस 50 रुपये है और बोटिंग 300 रुपये प्रति घंटा। भाइयो, झील के किनारे एक ताजे पानी की एक्वेरियम भी है जिसकी अलग से एंट्री फीस 30 रुपये है। बच्चों को बहुत पसंद आता है। यार, यहां हॉर्स राइडिंग भी करवाते हैं 100 रुपये में और छोटा जिपलाइन भी है। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है!
लक्कीडी व्यू पॉइंट – चेन ट्री का अद्भुत नजारा
दोस्तों, अब चलते हैं लक्कीडी व्यू पॉइंट जो मानंथवाड़ी से 60 किलोमीटर दूर है। भाइयो, ये वायनाड का सबसे ऊंचा व्यू पॉइंट है – 700 मीटर की ऊंचाई पर! यार, यहां से 9 हेयरपिन बेंड दिखते हैं जो बेहद खतरनाक लेकिन खूबसूरत हैं। दोस्तों, बादल इतने नीचे होते हैं कि छू सकते हैं। पहाड़ियों पर चाय के बागान बिछे हुए हैं जैसे हरी चादर!
यार, लक्कीडी में चेन ट्री भी देखने लायक है – 700 साल पुराना विशाल पेड़ जिसमें लोहे की चेन लगी हुई है। दोस्तों, कहानी है कि अंग्रेजों ने इस पेड़ को काटना चाहा था लेकिन कट नहीं पाया तो चेन से बांध दिया। भाइयो, यहां एंट्री बिल्कुल फ्री है और कोई टाइम बाउंड नहीं है। सनसेट टाइम सबसे बेस्ट है। यार, ठंड बहुत होती है तो स्वेटर या जैकेट ले जाएं!
कारापुझा बांध – शांत और कम भीड़भाड़ वाली जगह
भाइयो, अगर थोड़ा टाइम बचे तो कारापुझा बांध भी घूम आएं जो मानंथवाड़ी से सिर्फ 18 किलोमीटर दूर है। यार, ये बहुत ज्यादा फेमस नहीं है इसलिए भीड़भाड़ नहीं होती और शांति से एंजॉय कर सकते हैं। दोस्तों, बांध के पास एक छोटा पार्क है और खूबसूरत गार्डन भी है जहां बच्चे खेल सकते हैं।
यार, कारापुझा बांध की एंट्री फ्री है और बोटिंग की सुविधा भी है। दोस्तों, यहां मछली पकड़ने की भी परमिशन है अगर आप इंटरेस्टेड हैं। भाइयो, शाम को बैठकर सनसेट देखने का अलग ही मजा है। यार, पास में छोटे-छोटे चाय और स्नैक्स के स्टॉल हैं तो फ्रेश चाय पी सकते हैं!
कैसे पहुंचें मानंथवाड़ी
हवाई मार्ग से
भाइयो, मानंथवाड़ी के सबसे पास का एयरपोर्ट कालीकट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है जो 110 किलोमीटर दूर है। यार, दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद जैसे सभी बड़े शहरों से डायरेक्ट फ्लाइट्स हैं कालीकट के लिए। दोस्तों, एयरपोर्ट से मानंथवाड़ी के लिए टैक्सी बुक कर सकते हैं जिसका किराया 2500 से 3000 रुपये आता है। 2.5 से 3 घंटे का रास्ता है जो बेहद खूबसूरत है।
यार, अगर बैंगलोर से आ रहे हैं तो बैंगलोर एयरपोर्ट से भी आ सकते हैं जो 260 किलोमीटर दूर है। दोस्तों, रोड जर्नी थोड़ी लंबी है लेकिन 5-6 घंटे में आराम से पहुंच जाएंगे। भाइयो, एडवांस में टैक्सी बुक करें तो सस्ती पड़ती है – ओला, उबर, या लोकल टैक्सी सर्विस से संपर्क कर सकते हैं!
रेल मार्ग से
दोस्तों, मानंथवाड़ी का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन कोझीकोड है जो 95 किलोमीटर दूर है। यार, ये केरल का मेजर रेलवे जंक्शन है तो सभी बड़े शहरों से ट्रेन कनेक्शन है। भाइयो, दिल्ली से मंगलौर सेंट्रल एक्सप्रेस, मुंबई से मालाबार एक्सप्रेस, चेन्नई से कोझीकोड एक्सप्रेस जैसी कई ट्रेन्स हैं। दोस्तों, स्टेशन से बाहर निकलते ही टैक्सी और ऑटो मिल जाते हैं।
यार, कोझीकोड से मानंथवाड़ी का टैक्सी किराया 2000 से 2500 रुपये है और 2 घंटे लगते हैं। दोस्तों, केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट की बसें भी चलती हैं जो 100 से 150 रुपये में मिल जाती हैं लेकिन टाइम ज्यादा लगता है। भाइयो, एक और ऑप्शन है – मैसूर रेलवे स्टेशन जो 130 किलोमीटर दूर है अगर कर्नाटक की तरफ से आ रहे हैं!
सड़क मार्ग से
भाइयो, रोड से आना सबसे आरामदायक है क्योंकि रास्ता बेहद खूबसूरत है। यार, बैंगलोर से मानंथवाड़ी 260 किलोमीटर है और 5-6 घंटे लगते हैं। NH 275 से होकर मैसूर, नागरहोल, सुल्तान बाथरी होते हुए पहुंचेंगे। दोस्तों, कोझीकोड से 95 किलोमीटर है जो 2 घंटे में कवर हो जाता है। मैसूर से 130 किलोमीटर और 3 घंटे का रास्ता है।
यार, अगर अपनी गाड़ी से जा रहे हैं तो ध्यान रखें कि घाट सेक्शन में 36 हेयरपिन बेंड हैं जो रोमांचक हैं लेकिन सावधानी चाहिए। दोस्तों, रात में ड्राइव करने से बचें क्योंकि जंगली जानवर सड़क पर आ जाते हैं। भाइयो, बसों से भी जा सकते हैं – केरल SRTC और कर्नाटक SRTC की रेगुलर बसें हैं जो वोल्वो और स्लीपर दोनों ऑप्शन में हैं!
कहां रुकें – होटल और स्टे ऑप्शंस
बजट होटल्स – 1000 से 2000 रुपये प्रति रात
भाइयो, मानंथवाड़ी में ठहरने के लिए हर बजट के ऑप्शन हैं। यार, अगर बजट टाइट है तो 1000 से 2000 रुपये में अच्छे होटल मिल जाते हैं। होटल गौरीनिवास, होटल सीमा, और होटल मेघमलाई अच्छी बजट चॉइस हैं। दोस्तों, बेसिक सुविधाएं मिलती हैं – साफ कमरा, अटैच्ड बाथरूम, टीवी, और हॉट वाटर। कुछ होटलों में छोटा रेस्तरां भी है जहां केरल का ट्रेडिशनल खाना मिलता है।
यार, मानंथवाड़ी टाउन में ही रुकें तो सभी जगहें पास में हैं और खाने-पीने की दिक्कत नहीं। दोस्तों, वीकेंड और छुट्टियों में एडवांस बुकिंग जरूरी है वरना कमरे नहीं मिलते। भाइयो, ऑनलाइन बुकिंग करें तो कुछ डिस्काउंट भी मिल जाता है – ओयो, गोआइबिबो, मेकमाईट्रिप जैसे ऐप्स से बुक कर सकते हैं!
मिड रेंज होटल्स और रिसॉर्ट्स – 3000 से 6000 रुपये प्रति रात
दोस्तों, थोड़ा ज्यादा बजट है तो मिड रेंज रिसॉर्ट्स में रुकें जो बेहद खूबसूरत हैं। यार, सीतासेरी रिजर्व रिसॉर्ट, वायनाड रेन फॉरेस्ट रिसॉर्ट, और ग्रीनवुड रिसॉर्ट बहुत अच्छे ऑप्शन हैं। भाइयो, ये रिसॉर्ट्स कॉफी बागान या जंगल के किनारे होते हैं तो नेचर के बेहद करीब रहेंगे। बड़े कमरे, बालकनी, गार्डन, स्विमिंग पूल, और इन-हाउस रेस्तरां की सुविधा मिलती है।
यार, कुछ रिसॉर्ट्स में ट्री हाउस भी हैं जो बच्चों को बहुत पसंद आते हैं। दोस्तों, रात में जंगल की आवाजें सुनना और सुबह चिड़ियों की चहचहाहट के साथ उठना – ये अनुभव अलग ही है। भाइयो, इन रिसॉर्ट्स में केरल मसाज की सुविधा भी होती है जो थकान दूर कर देती है। यार, फैमिली पैकेज लें तो अच्छा डिस्काउंट मिलता है!
लक्जरी रिसॉर्ट्स – 8000 रुपये से ऊपर
भाइयो, अगर स्पेशल ट्रीटमेंट चाहिए तो लक्जरी रिसॉर्ट्स में रुकें जैसे अफ्टरनून रिट्रीट रिसॉर्ट, वर्गा हिल्स रिसॉर्ट, या बनासुरा हिल रिसॉर्ट। यार, ये रिसॉर्ट्स वर्ल्ड क्लास सुविधाएं देते हैं – प्राइवेट पूल, स्पा, मल्टी क्यूजीन रेस्तरां, और पर्सनलाइज्ड सर्विस। दोस्तों, कॉटेज स्टाइल के रूम होते हैं जो पूरी तरह से प्राइवेट होते हैं।
यार, कुछ रिसॉर्ट्स तो ऐसे हैं जहां से झरना दिखता है या पहाड़ियों का नजारा मिलता है। दोस्तों, हनीमून कपल्स या ऐनिवर्सरी सेलिब्रेशन के लिए ये बेस्ट चॉइस हैं। भाइयो, यहां बच्चों के लिए अलग एक्टिविटी जोन होता है – इंडोर गेम्स, आउटडोर प्ले एरिया, और किड्स पूल। यार, खाना बहुत टेस्टी होता है – केरल, नॉर्थ इंडियन, कॉन्टिनेंटल सब कुछ मिलता है!
होमस्टे – लोकल एक्सपीरियंस के लिए
दोस्तों, अगर असली केरल का अनुभव चाहते हैं तो होमस्टे में रुकें। यार, 2000 से 4000 रुपये में अच्छे होमस्टे मिल जाते हैं जहां लोकल फैमिली के साथ रहेंगे। भाइयो, ताजा घर का बना केरल का खाना मिलेगा – अप्पम, स्टू, पुट्टु, कढ़ी, मीन करी सब कुछ! यार, होस्ट फैमिली बहुत प्यार से रखती है और लोकल जगहों के बारे में बढ़िया टिप्स देती है।
यार, कई होमस्टे कॉफी प्लांटेशन के अंदर होते हैं तो कॉफी बनाने की पूरी प्रोसेस देख सकते हैं। दोस्तों, बच्चों को भी बहुत एंजॉय आता है क्योंकि खेतों में घूम सकते हैं, गाय-भैंस देख सकते हैं, और गांव की जिंदगी का अनुभव ले सकते हैं। भाइयो, होमस्टे बुक करने के लिए Airbnb या लोकल टूरिज्म वेबसाइट देख सकते हैं!
क्या खाएं – लोकल फूड गाइड
केरल ट्रेडिशनल डिशेज
भाइयो, मानंथवाड़ी में खाने के मामले में केरल का असली स्वाद मिलेगा! यार, सबसे पहले ट्राई करना है अप्पम और स्टू जो नाश्ते में खाया जाता है। अप्पम एक तरह का पैनकेक है जो चावल के आटे से बनता है और स्टू में नारियल का दूध डालकर सब्जियां या चिकन पकाया जाता है। दोस्तों, पुट्टु और कढ़ी भी फेमस है – पुट्टु स्टीम किया हुआ चावल और कढ़ी एक तरह की ग्रेवी है। ये कॉम्बिनेशन लाजवाब है!
यार, केरल सद्या जरूर ट्राई करें जो एक तरह का थाली मील है। दोस्तों, केले के पत्ते पर 20 से ज्यादा तरह की सब्जियां, अचार, पापड़, और मिठाई परोसी जाती है। भाइयो, मीन करी यानी फिश करी भी बेहतरीन है अगर नॉन-वेज खाते हैं। नारियल के तेल में पकी ये करी इतनी टेस्टी होती है कि उंगलियां चाटते रह जाओगे! यार, बीफ फ्राई और चिकन करी भी यहां की स्पेशलिटी है!
स्ट्रीट फूड और स्नैक्स
दोस्तों, शाम को टाइम हो तो लोकल स्ट्रीट फूड ट्राई करें। यार, बनाना चिप्स यहां की फेमस चीज है जो हर जगह मिल जाती है – नमकीन और मीठी दोनों तरह की। भाइयो, केरल पकोड़े भी टेस्ट करें जो उड़द दाल से बने होते हैं और बेहद क्रिस्पी होते हैं। दोस्तों, एला अडा एक तरह का स्टीम केक है जो केले के पत्ते में लपेटकर बनाया जाता है। यार, अंदर गुड़ और नारियल की स्टफिंग होती है जो मुंह में घुल जाती है!
यार, सुखियान नाम की मिठाई भी यूनिक है – मूंग दाल को मीठा करके बॉल बनाकर फ्राई किया जाता है। दोस्तों, उन्नियप्पम छोटे-छोटे पैनकेक होते हैं जिनमें केला और गुड़ मिला होता है। भाइयो, चाय के साथ खाने के लिए परफेक्ट स्नैक है! यार, कॉफी भी जबरदस्त मिलती है क्योंकि यहां कॉफी उगाई जाती है – फ्रेश और स्ट्रॉन्ग!
बेस्ट रेस्तरां और ढाबे
भाइयो, मानंथवाड़ी में खाने के लिए अच्छे रेस्तरां भी हैं। यार, होटल गौरी निवास का रेस्तरां बहुत फेमस है – केरल के साथ-साथ नॉर्थ इंडियन भी मिलता है। दोस्तों, वुडलैंड रेस्तरां भी अच्छा है जहां फैमिली के साथ बैठकर खा सकते हैं। भाइयो, अगर नॉन-वेज खाते हैं तो होटल सीमा रेस्तरां जाएं – चिकन करी और बीफ फ्राई लाजवाब है!
यार, कुछ लोकल ढाबे भी हैं जहां बहुत ही सस्ते में पेट भर खाना मिल जाता है। दोस्तों, मीलस 80 से 120 रुपये में मिल जाती है जिसमें चावल, सांभर, रसम, 2-3 सब्जियां और पापड़ आता है। भाइयो, राइस और करी कॉम्बिनेशन भी 100 रुपये से कम में मिल जाता है। यार, बेकरी में भी टेस्टी चीजें मिलती हैं – केक, पेस्ट्री, पफ्स सब फ्रेश बनते हैं!
क्या खरीदें – शॉपिंग गाइड
दोस्तों, मानंथवाड़ी से क्या खरीदकर ले जाएं ये भी जान लीजिए। यार, सबसे पहले तो कॉफी पाउडर जरूर खरीदें – प्योर और फ्रेश मिलती है। भाइयो, मसाले भी यहां से खरीदने चाहिए – काली मिर्च, इलायची, लौंग, जायफल सब ऑर्गेनिक और फ्रेश। दोस्तों, बनाना चिप्स के पैकेट भी ले सकते हैं जो 100 से 200 रुपये किलो मिल जाते हैं।
यार, हैंडिक्राफ्ट आइटम्स भी यूनिक हैं – बांस से बनी चीजें, लकड़ी की नक्काशी, और केरल की ट्रेडिशनल साड़ियां। दोस्तों, चाय की पत्ती भी खरीद सकते हैं जो बहुत ही अच्छी क्वालिटी की होती है। भाइयो, केरल की पारंपरिक दवाइयां और आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स भी मिलते हैं जो काम की चीजें हैं। यार, बार्गेनिंग जरूर करें क्योंकि 10-15 प्रतिशत तो कम हो ही जाता है!
घूमने का बेस्ट टाइम
अक्टूबर से फरवरी – विंटर सीजन
भाइयो, मानंथवाड़ी घूमने का सबसे अच्छा टाइम अक्टूबर से फरवरी है जब मौसम एकदम परफेक्ट रहता है। यार, इस टाइम तापमान 15 से 25 डिग्री के बीच रहता है जो ना तो ज्यादा गर्मी और ना ही ज्यादा ठंडी। दोस्तों, दिन में हल्की धूप होती है और रातें ठंडी होती हैं। ट्रेकिंग, सफारी, और आउटडोर एक्टिविटी के लिए बेस्ट टाइम है।
यार, दिसंबर-जनवरी में क्रिसमस और न्यू ईयर के टाइम भीड़ थोड़ी ज्यादा होती है तो एडवांस बुकिंग जरूरी है। दोस्तों, नवंबर और फरवरी में कम भीड़ होती है तो शांति से घूम सकते हैं। भाइयो, सुबह थोड़ा कोहरा होता है जो खूबसूरती बढ़ा देता है। यार, स्वेटर या जैकेट जरूर ले जाएं क्योंकि रात में ठंड लगती है!
मार्च से मई – समर सीजन
दोस्तों, गर्मियों में भी मानंथवाड़ी घूमा जा सकता है क्योंकि पहाड़ी इलाका है तो मैदानी इलाकों जितनी गर्मी नहीं पड़ती। यार, तापमान 20 से 32 डिग्री तक जाता है जो मैनेजेबल है। भाइयो, स्कूल की छुट्टियों में बहुत भीड़ होती है खासकर अप्रैल-मई में। दोस्तों, होटल के रेट भी इस टाइम हाई रहते हैं।
यार, झरने इस टाइम सूखने लगते हैं तो उतना मजा नहीं आता। दोस्तों, लेकिन वन्यजीव देखने के लिए अच्छा टाइम है क्योंकि जानवर पानी की तलाश में बाहर आते हैं। भाइयो, सनस्क्रीन, टोपी, और पानी की बोतल साथ रखें। यार, कॉटन के कपड़े पहनें जो आरामदायक हों!
जून से सितंबर – मानसून सीजन
भाइयो, मानसून में मानंथवाड़ी की खूबसूरती देखते ही बनती है लेकिन ट्रैवल थोड़ा मुश्किल हो जाता है। यार, जून से सितंबर तक भारी बारिश होती है – कभी-कभी तो पूरा दिन बारिश चलती रहती है। दोस्तों, झरने पूरे वेग में होते हैं और हरियाली अपने चरम पर होती है। नजारा इतना खूबसूरत होता है कि मानो धरती पर स्वर्ग हो!
यार, लेकिन लीचेज बहुत होते हैं तो ट्रेकिंग मुश्किल हो जाती है। दोस्तों, कुछ झरने और ट्रेक्स बंद रहते हैं सेफ्टी की वजह से। भाइयो, कुरुवा द्वीप भी बंद हो जाता है क्योंकि नदी में बाढ़ आ जाती है। यार, अगर मानसून में जाना ही है तो रेनकोट, वॉटरप्रूफ बैग, और अच्छे ग्रिप वाले जूते जरूर ले जाएं। दोस्तों, होटल रेट काफी कम हो जाते हैं और भीड़ भी नहीं होती तो ऑफ-सीजन डिस्काउंट मिल जाता है!
एंट्री फीस और टाइमिंग
| टूरिस्ट प्लेस | एंट्री फीस | टाइमिंग | बंद रहने का दिन |
|---|---|---|---|
| थिरुनेल्ली मंदिर | फ्री | 6 बजे से 11 बजे, 5 बजे से 7 बजे | कोई नहीं |
| पक्षीपाथालम | 20 रुपये + 500 रुपये गाइड | 7 बजे से 4 बजे | मानसून में बंद |
| कुरुवा द्वीप | 50 रुपये + 300 रुपये नाव | 9 बजे से 5 बजे | मानसून में बंद |
| थोलपेट्टी सफारी | 100 रुपये + 2500 रुपये जीप | 7 से 9 बजे, 3 से 5 बजे | कोई नहीं |
| एडक्कल गुफाएं | 30 रुपये + 200 रुपये गाइड | 9 बजे से 5 बजे | कोई नहीं |
| मीनमुट्टी झरना | 20 रुपये | खुला दिन भर | भारी बारिश में |
| चेम्बरा पीक | 300 रुपये + 500 रुपये गाइड | 7 बजे से 2 बजे | खराब मौसम में |
| सूचीपारा झरना | 75 रुपये | 8 बजे से 5 बजे | कोई नहीं |
| बानासुर बांध | 30 रुपये + 200-500 रुपये बोट | 9 बजे से 5 बजे | कोई नहीं |
| जैन मंदिर | फ्री | खुला दिन भर | कोई नहीं |
| पूकोड लेक | 50 रुपये + 300 रुपये बोट | 9 बजे से 5 बजे | कोई नहीं |
| लक्कीडी व्यू पॉइंट | फ्री | खुला दिन भर | कोई नहीं |
ट्रैवल टिप्स और जरूरी बातें
सेफ्टी टिप्स
भाइयो, मानंथवाड़ी ट्रिप में कुछ जरूरी सेफ्टी टिप्स ध्यान में रखें। यार, सबसे पहली बात – जंगली जानवरों से सावधान रहें। दोस्तों, हाथी, बाइसन, और जंगली सुअर सड़क पर आ सकते हैं खासकर शाम और रात में। भाइयो, अगर सामने जानवर दिखे तो गाड़ी रोक दें, हॉर्न ना बजाएं, और दूर से देखें। पास जाने की कोशिश बिल्कुल ना करें!
यार, ट्रेकिंग के दौरान ग्रुप में रहें और गाइड के साथ ही जाएं। दोस्तों, अकेले जंगल में ना घूमें। भाइयो, लीचेज से बचने के लिए फुल पैंट और मोजे पहनें। नमक साथ रखें क्योंकि लीच पर नमक छिड़कने से वो छूट जाता है। यार, मानसून में फिसलन होती है तो अच्छे ग्रिप वाले जूते पहनें। दोस्तों, पानी और फर्स्ट एड किट जरूर साथ रखें!
लोकल ट्रांसपोर्ट
दोस्तों, मानंथवाड़ी में घूमने के लिए अपनी गाड़ी सबसे अच्छी है। यार, लेकिन अगर अपनी गाड़ी नहीं है तो टैक्सी किराए पर ले सकते हैं। भाइयो, पूरे दिन की टैक्सी का चार्ज 2000 से 2500 रुपये आता है जिसमें 100-120 किलोमीटर कवर होता है। दोस्तों, लोकल टैक्सी ड्राइवर अच्छे गाइड भी होते हैं और हर जगह के बारे में बता देते हैं।
यार, ऑटो भी मिल जाते हैं लेकिन लंबी दूरी के लिए नहीं जाते। दोस्तों, मानंथवाड़ी टाउन के अंदर घूमने के लिए ऑटो ठीक है – 50 से 100 रुपये में काम हो जाता है। भाइयो, कुछ लोग स्कूटी या बाइक रेंट पर भी लेते हैं जो 500 से 800 रुपये प्रति दिन मिलती है। यार, बस भी चलती हैं लेकिन टाइमिंग फिक्स नहीं होती और बार-बार रुकती हैं तो टाइम ज्यादा लगता है!
क्या साथ ले जाएं
भाइयो, मानंथवाड़ी ट्रिप के लिए स्मार्ट पैकिंग करें। यार, कॉटन के आरामदायक कपड़े जरूरी हैं। दोस्तों, दो-तीन जोड़ी पैंट, टी-शर्ट्स, और एक स्वेटर या जैकेट जरूर रखें। भाइयो, अच्छे ट्रेकिंग शूज लेकर जाएं क्योंकि बहुत चलना पड़ेगा। यार, रेनकोट या छाता भी रखें क्योंकि मौसम कभी भी बदल सकता है।
यार, सनस्क्रीन, मॉस्किटो रिपेलेंट, और बेसिक दवाइयां जरूर रखें। दोस्तों, कैमरा या अच्छा फोन ले जाएं क्योंकि खूबसूरत नजारे कैप्चर करने हैं! भाइयो, पावर बैंक भी साथ रखें क्योंकि बाहर चार्जिंग की सुविधा नहीं मिलती। यार, वॉटर बॉटल, स्नैक्स, और टॉर्च भी यूजफुल हैं। दोस्तों, पर्सनल आईडी और जरूरी डॉक्यूमेंट्स की कॉपी जरूर रखें!
बजट प्लानिंग
दोस्तों, 4 लोगों की फैमिली के लिए 3 दिन की मानंथवाड़ी ट्रिप का बजट कुछ ऐसा रहेगा। यार, ट्रैवल कॉस्ट 8000 से 12000 रुपये आएगी अगर बाहर के शहर से आ रहे हैं। होटल के लिए 6000 से 15000 रुपये लगेंगे 3 रातों के। भाइयो, लोकल ट्रांसपोर्ट के लिए 4000 से 6000 रुपये रखें अगर टैक्सी किराए पर ले रहे हैं।
यार, खाने-पीने में 3000 से 5000 रुपये आएंगे 3 दिन में। दोस्तों, एंट्री फीस और एक्टिविटी के लिए 3000 से 4000 रुपये रखें। भाइयो, शॉपिंग के लिए 2000 से 3000 रुपये का बजट रखें। यार, कुल मिलाकर 25000 से 40000 रुपये में आराम से पूरी ट्रिप हो जाएगी। दोस्तों, अगर बजट टाइट है तो 20000 में भी कर सकते हैं और अगर लक्जरी चाहिए तो 50000 तक जा सकता है!
हिडन जेम्स – कम लोग जानते हैं
थोंडरनद रिप्पल्स – छुपा हुआ झरना
भाइयो, थोंडरनद एक ऐसी जगह है जो बहुत कम लोग जानते हैं। यार, मानंथवाड़ी से 22 किलोमीटर दूर ये छोटा सा गांव है जहां एक खूबसूरत झरना है। दोस्तों, टूरिस्ट माप में नहीं आता तो बिल्कुल खाली रहता है। यार, जंगल के बीच छुपा हुआ ये झरना बेहद शांत और रोमांटिक है। लोकल्स से पूछकर ही जा सकते हैं क्योंकि साइन बोर्ड नहीं हैं!
पांचारापरंबा – जादुई रोशनी वाला मंदिर
दोस्तों, पांचारापरंबा मंदिर भी एक यूनीक प्लेस है जो मानंथवाड़ी से 15 किलोमीटर दूर है। यार, कहानी है कि यहां एक विशेष तरह की रोशनी दिखती है जिसका कोई वैज्ञानिक कारण नहीं मिला। भाइयो, रात में लोकल्स यहां दर्शन के लिए आते हैं। दोस्तों, मंदिर के पास एक छोटी सी पहाड़ी है जहां से सूर्योदय का नजारा लाजवाब दिखता है!
बाविकली – प्राचीन जैन स्थल
यार, बाविकली मानंथवाड़ी से 8 किलोमीटर दूर एक प्राचीन जैन तीर्थ स्थल है। दोस्तों, 9वीं सदी के पत्थर के खंभे और मूर्तियां हैं जो इतिहास प्रेमियों के लिए बेस्ट हैं। भाइयो, बिल्कुल शांत जगह है और कोई भीड़भाड़ नहीं। यार, पुरातत्व विभाग ने इसे संरक्षित स्मारक घोषित किया है!
पक्षीथोड – ट्रैडिशनल केरल विलेज
दोस्तों, पक्षीथोड गांव में जाकर असली केरल की जिंदगी देख सकते हैं। यार, मानंथवाड़ी से 10 किलोमीटर दूर ये गांव है जहां आज भी पुराने तरीके से खेती होती है। भाइयो, धान के खेत, मसालों के बागान, और ट्रेडिशनल केरल के घर देख सकते हैं। यार, गांव वालों से बात करें तो बहुत कुछ सीखने को मिलता है!
फोटोग्राफी टिप्स
भाइयो, मानंथवाड़ी फोटोग्राफर्स के लिए स्वर्ग है! यार, सूर्योदय के लिए बेस्ट स्पॉट है चेम्बरा पीक या लक्कीडी व्यू पॉइंट। दोस्तों, सुबह 6 से 7 बजे की गोल्डन लाइट में पहाड़ियां सोने जैसी दिखती हैं। यार, झरनों की फोटो लेनी है तो धीमी शटर स्पीड यूज करें जिससे पानी मिल्की इफेक्ट में दिखेगा। भाइयो, पोलराइजिंग फिल्टर यूज करें तो आसमान ज्यादा नीला और पानी ज्यादा साफ दिखेगा!
यार, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी के लिए लंबे लेंस जरूरी हैं – 200mm या 300mm। दोस्तों, सफारी के दौरान फास्ट शटर स्पीड रखें और कंटीन्यूअस शूटिंग मोड यूज करें। भाइयो, लोकल लोगों की फोटो लेने से पहले परमिशन जरूर लें। यार, ड्रोन फ्लाइंग की परमिशन नहीं है जंगली इलाकों में तो उससे बचें वरना परेशानी हो सकती है!
टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर
दोस्तों, मानंथवाड़ी में केरल टूरिज्म का इंफॉर्मेशन सेंटर है जो बस स्टैंड के पास है। यार, यहां से फ्री मैप मिल जाता है और गाइड बुक कर सकते हैं। भाइयो, टूरिस्ट पुलिस भी है जो हेल्प करती है अगर कोई प्रॉब्लम हो। दोस्तों, सेंटर में सारी जगहों की डिटेल्ड इंफॉर्मेशन मिलती है और होटल बुकिंग में भी हेल्प करते हैं।
यार, इमरजेंसी नंबर्स नोट कर लें – टूरिस्ट पॉलिस: 0493-2622020, डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल: 0493-2621222, वाइल्डलाइफ वार्डन: 0493-2624442। दोस्तों, मानंथवाड़ी में सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के अस्पताल हैं तो मेडिकल इमरजेंसी में परेशानी नहीं होगी। भाइयो, बैंक, ATM, और फार्मेसी भी आसानी से मिल जाते हैं!
मानंथवाड़ी का इतिहास
भाइयो, मानंथवाड़ी की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। यार, ये नाम संस्कृत के दो शब्दों से बना है – मनस्यु यानी इंसान और वाड़ी यानी बसाहट। दोस्तों, पुराने जमाने में ये जगह घने जंगल था जहां आदिवासी लोग रहते थे। भाइयो, पाणिया, कुरिचिया, कुरुमा जैसी आदिवासी जनजातियां आज भी यहां रहती हैं और अपनी संस्कृति को बचाए हुए हैं।
यार, ब्रिटिश काल में यहां कॉफी प्लांटेशन शुरू हुआ और तब से वायनाड कॉफी के लिए फेमस हो गया। दोस्तों, मैसूर के राजा टीपू सुल्तान की सेना भी यहां से गुजरी थी और कई जगहों के नाम आज भी उस दौर की कहानियां सुनाते हैं। भाइयो, एडक्कल गुफाओं में मिली 8000 साल पुरानी नक्काशी बताती है कि ये इलाका पाषाण युग से ही बसा हुआ था। यार, इतिहास के साथ-साथ प्रकृति की खूबसूरती ने इस जगह को और भी खास बना दिया है!
निष्कर्ष
तो दोस्तों, ये थी मानंथवाड़ी की पूरी गाइड जो आपकी 3 दिन की फैमिली ट्रिप को यादगार बना देगी! यार, केरल की इस छुपी हुई खूबसूरती में वो सब कुछ है जो एक परफेक्ट हिल स्टेशन में होना चाहिए – पहाड़, झरने, जंगल, वन्यजीव, ऐतिहासिक जगहें, और सबसे खास – शांति। भाइयो, थिरुनेल्ली की पवित्रता हो, कुरुवा द्वीप की खूबसूरती हो, एडक्कल की प्राचीनता हो, या बानासुर बांध का भव्य नजारा – हर जगह अपने आप में खास है।
दोस्तों, सबसे बड़ी बात – मानंथवाड़ी अभी भी कमर्शियल नहीं हुई है तो असली केरल का अनुभव मिलेगा। यार, लोकल खाना, ट्रेडिशनल कल्चर, और प्रकृति का अनोखा साथ यहां मिलता है। भाइयो, अगर आप भीड़भाड़ से दूर, प्रकृति के करीब, और बजट में परफेक्ट फैमिली वेकेशन चाहते हैं तो मानंथवाड़ी से बेहतर ऑप्शन नहीं हो सकता। यार, बस एक बार जा कर देखिए – मन बार-बार जाने को करेगा!




